CBSE Board Exam 2026 Date Revised की घोषणा के बाद 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा देने वाले लाखों छात्रों में हलचल मच गई है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए 3 मार्च 2026 को होने वाली कुछ महत्वपूर्ण परीक्षाओं को स्थगित करने का फैसला लिया है। यह बदलाव अचानक जरूर है, लेकिन बोर्ड का कहना है कि इससे परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुचारू और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।
CBSE Board Exam 2026 Date Revised के तहत नई तारीखें जारी कर दी गई हैं, जिन्हें सभी स्कूलों और छात्रों को फॉलो करना अनिवार्य होगा। ऐसे समय में छात्रों के लिए सही जानकारी बेहद जरूरी है, क्योंकि गलत डेट को लेकर की गई तैयारी मानसिक तनाव और परीक्षा में नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए संशोधित शेड्यूल को समझना और उसी के अनुसार पढ़ाई की रणनीति बनाना अब सबसे अहम हो गया है।
CBSE Board Exam 2026 Date Revised का असर छात्रों पर
CBSE Board Exam 2026 Date Revised सिर्फ एक तारीख बदलने की सूचना नहीं है, बल्कि यह छात्रों की पूरी परीक्षा रणनीति को प्रभावित करने वाला फैसला है। जिन विद्यार्थियों ने 3 मार्च को होने वाली परीक्षा को ध्यान में रखकर अपना रिवीजन प्लान तैयार किया था, उन्हें अब उसे दोबारा व्यवस्थित करना होगा। खासतौर पर भाषा विषयों और एकेडमिक इलेक्टिव चुनने वाले छात्रों के लिए यह बदलाव अहम है, क्योंकि इन विषयों को अक्सर कम समय दिया जाता है। नई तारीख मिलने से छात्रों को अतिरिक्त तैयारी का मौका मिलेगा, लेकिन साथ ही यह खतरा भी रहता है कि ज्यादा समय मिलने पर ढिलाई आ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि छात्र इस अतिरिक्त समय को बोनस मानकर अपनी कमजोरियों पर काम करें। CBSE द्वारा लिया गया यह निर्णय परीक्षा संचालन को बेहतर बनाने के लिए है, इसलिए छात्रों को इसे सकारात्मक रूप में लेते हुए अपनी तैयारी को और मजबूत बनाना चाहिए।
किन कारणों से बदली गई परीक्षा की तारीख
CBSE ने आधिकारिक सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि 3 मार्च 2026 को होने वाली कुछ परीक्षाओं को प्रशासनिक कारणों से रीशेड्यूल किया गया है। हालांकि बोर्ड ने विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन आमतौर पर ऐसे फैसले केंद्रों की उपलब्धता, लॉजिस्टिक मैनेजमेंट, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य परीक्षाओं के साथ टकराव से बचने के लिए लिए जाते हैं। CBSE हर साल देश और विदेश में हजारों परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा आयोजित करता है, ऐसे में छोटे स्तर की असुविधा भी बड़े स्तर पर असर डाल सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने समय रहते तारीखों में बदलाव किया, ताकि छात्रों को परीक्षा के दिन किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
कक्षा 10 की परीक्षाएं: किन विषयों की तारीख बदली
कक्षा 10 के जिन विषयों की परीक्षा पहले 3 मार्च 2026 को निर्धारित थी, उन्हें अब 11 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। यह बदलाव सभी छात्रों पर लागू नहीं है, बल्कि केवल चुनिंदा विषयों के लिए किया गया है। इनमें मुख्य रूप से क्षेत्रीय और विदेशी भाषाएं तथा कुछ एकेडमिक इलेक्टिव विषय शामिल हैं।
इन विषयों को आमतौर पर वैकल्पिक रूप में चुना जाता है, लेकिन इनका महत्व किसी भी तरह से कम नहीं है। बोर्ड ने यह सुनिश्चित किया है कि नई तारीख छात्रों के लिए सुविधाजनक हो और अन्य परीक्षाओं से टकराव न हो।
क्षेत्रीय और विदेशी भाषाएं (ग्रुप-L) की पूरी जानकारी
ग्रुप-L के अंतर्गत आने वाली भाषाओं का उद्देश्य छात्रों को भारत की सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक भाषाई ज्ञान से जोड़ना है। अब इन सभी विषयों की परीक्षा 11 मार्च 2026 को होगी।
तिब्बती, भोटी और भूटिया जैसी भाषाएं मुख्य रूप से हिमालयी क्षेत्रों के छात्रों द्वारा चुनी जाती हैं, ताकि वे अपनी पारंपरिक भाषा और विरासत को सुरक्षित रख सकें। वहीं बोडो, तांगखुल, मिज़ो और कश्मीरी भारत की क्षेत्रीय भाषाएं हैं, जो अलग-अलग राज्यों की पहचान और संस्कृति को दर्शाती हैं।
जर्मन, जापानी और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाएं छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मौका देती हैं। इसके अलावा बहासा मेलयू को भी CBSE के वैश्विक आउटरीच कार्यक्रम के तहत शामिल किया गया है, जिससे विदेशों में रहने वाले छात्र भी लाभ उठा सकें।
एकेडमिक इलेक्टिव (ग्रुप-A2) में शामिल विषय
ग्रुप-A2 के तहत आने वाले विषय भी अब 11 मार्च 2026 को आयोजित किए जाएंगे।
नेशनल कैडेट कोर (NCC) केवल एक अकादमिक विषय नहीं है, बल्कि यह छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करता है। इस विषय में बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग, आपदा प्रबंधन और नागरिक कर्तव्यों की जानकारी दी जाती है।
एलिमेंट्स ऑफ बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी उन छात्रों के लिए है जो आगे चलकर कॉमर्स या अकाउंटिंग के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। यह विषय वित्तीय लेन-देन और अकाउंट्स की बुनियादी समझ विकसित करता है।
कक्षा 12: लीगल स्टडीज़ परीक्षा का नया शेड्यूल
CBSE Board Exam 2026 Date Revised के तहत कक्षा 12 के लीगल स्टडीज़ विषय में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यह परीक्षा पहले 3 मार्च 2026 को होनी थी, लेकिन अब इसे सीधे 10 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा।
इस बदलाव से लीगल स्टडीज़ के छात्रों को लगभग एक महीने से ज्यादा का अतिरिक्त समय मिल गया है। यह समय केस लॉ, कानूनी सिद्धांतों और उत्तर लेखन अभ्यास के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है। जिन छात्रों को पहले सिलेबस पूरा करने में दिक्कत हो रही थी, उनके लिए यह फैसला राहत भरा है।
CBSE का आधिकारिक सर्कुलर क्या कहता है
29 दिसंबर 2025 को जारी सर्कुलर में परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने सभी CBSE संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि संशोधित परीक्षा तिथियों की जानकारी तुरंत छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचाई जाए। सर्कुलर में साफ कहा गया है कि बाकी सभी परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी।
स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपनी इंटरनल डेट शीट अपडेट करें और किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति से बचें।
एडमिट कार्ड और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी
CBSE ने यह पुष्टि की है कि संशोधित तिथियां छात्रों के एडमिट कार्ड में भी अपडेट कर दी जाएंगी। छात्रों को सलाह दी जाती है कि परीक्षा से पहले अपना एडमिट कार्ड ध्यान से चेक करें और उसमें दी गई तारीख, विषय और परीक्षा केंद्र की जानकारी को सत्यापित करें।
परीक्षा केंद्र, शिफ्ट और समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सभी परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक एक ही शिफ्ट में होंगी।
CBSE बोर्ड परीक्षा 2026 की शुरुआत कब से होगी
CBSE बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होंगी। पहले दिन कक्षा 10 के छात्रों के लिए गणित (स्टैंडर्ड और बेसिक) का पेपर होगा, जबकि कक्षा 12 के छात्रों के लिए बायोटेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, शॉर्टहैंड (अंग्रेजी) और शॉर्टहैंड (हिंदी) की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
CBSE Board Exam 2026 Date Revised के अनुसार तैयारी कैसे करें
Step 1:
CBSE की आधिकारिक वेबसाइट या स्कूल नोटिस बोर्ड से संशोधित डेट शीट डाउनलोड करें और उसे प्रिंट करके अपने स्टडी टेबल पर रखें।
Step 2:
जिन विषयों की तारीख बदली गई है, उनके लिए नया टाइम टेबल बनाएं और रोजाना रिवीजन के लिए समय तय करें।
Step 3:
अतिरिक्त मिले समय का उपयोग सैंपल पेपर, प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर और मॉक टेस्ट हल करने में करें।
Step 4:
कमजोर टॉपिक्स की पहचान करें और उन पर ज्यादा फोकस करें, खासतौर पर भाषा और थ्योरी वाले विषयों में।
Step 5:
परीक्षा से एक सप्ताह पहले एडमिट कार्ड में दी गई जानकारी दोबारा चेक करें और मानसिक रूप से परीक्षा के लिए खुद को तैयार रखें।