उत्तर प्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड और लगातार जारी शीतलहर के कारण जनजीवन में कई तरह की मुश्किलें पैदा कर रहा है। सुबह-शाम का घना कोहरा, तेज ठंडी हवाएँ और तापमान में लगातार गिरावट ने खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना चुनौतीपूर्ण बना दिया है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग ने UP School Winter Vacation को लेकर अहम फैसला लिया है।
इस निर्णय का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है, ताकि अत्यधिक ठंड के कारण किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या दुर्घटना न हो। लगातार गिरते तापमान और बढ़ते कोहरे को ध्यान में रखते हुए UP School Winter Vacation की अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों दोनों को पर्याप्त राहत और सुरक्षित अवकाश मिल सके।
UP School Winter Vacation का महत्व
UP School Winter Vacation केवल छुट्टियों तक सीमित नहीं है। इसके पीछे छात्रों की शारीरिक सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और पढ़ाई की निरंतरता का भी ध्यान रखा गया है। छोटे बच्चों के लिए ठंड और कोहरे में स्कूल आना-जाना जोखिम भरा हो गया था। कई जिलों में दृश्यता इतनी कम हो गई थी कि सड़क पर चलना भी मुश्किल हो गया था। ऐसे हालात में स्कूल बंद रखना बच्चों और अभिभावकों दोनों के लिए राहत का कारण बन गया।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह अवकाश छात्रों को न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद करेगा, बल्कि मानसिक रूप से भी उन्हें तैयार करेगा। अवकाश के दौरान बच्चे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख पाएंगे और स्कूल खुलने पर पढ़ाई पर पूरी ऊर्जा और एकाग्रता के साथ ध्यान दे सकेंगे।
प्रदेश में बढ़ती ठंड और शीतलहर
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों में दिसंबर के अंतिम सप्ताह से तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह और शाम घना कोहरा छाया रहता है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो जाती है।
विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए यह हालात खतरनाक बन गए थे। स्कूल तक का रास्ता जोखिम भरा हो गया और कई माता-पिता बच्चों को भेजने में हिचकिचा रहे थे। मौसम विभाग की चेतावनियों और जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा विभाग ने UP School Winter Vacation बढ़ाने का सख्त कदम उठाया।
अवकाश की अवधि और लागू आदेश
बेसिक शिक्षा परिषद के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार, प्रदेश के सभी परिषदीय प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश की घोषणा की गई है। पहले यह अवकाश 1 जनवरी तक था, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए इसे बढ़ाकर 14 जनवरी 2026 कर दिया गया।
इस फैसले से छात्रों और शिक्षकों को कुल 15 दिनों का शीतकालीन अवकाश मिलेगा। मकर संक्रांति जैसे पर्व को भी ध्यान में रखते हुए इस अवधि को उपयुक्त माना गया है। कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों के लिए स्थानीय प्रशासन ने मौसम की स्थिति के अनुसार अलग-अलग निर्णय लिए हैं। कुछ जिलों में समय में बदलाव किया गया है, तो कुछ स्थानों पर उच्च कक्षाओं के लिए भी अवकाश घोषित किया गया है।
शिक्षक और स्कूल प्रशासन के लिए निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग ने अवकाश से पहले स्कूल प्रशासन और शिक्षकों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी शिक्षकों से कहा गया है कि वे 30 दिसंबर 2025 तक अपने सभी विभागीय, शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरे करें। इसमें उपस्थिति रजिस्टर, मूल्यांकन कार्य, छात्रों से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं।
स्कूल परिसरों में बिजली, पानी, कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य संसाधनों की जांच कर उन्हें सुरक्षित करना अनिवार्य है। छुट्टियों के दौरान स्कूल पूरी तरह बंद रहेंगे, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था और स्कूल की रखरखाव गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी गई है।
अभिभावकों और छात्रों के लिए राहत
इस फैसले से अभिभावकों को भी काफी राहत मिली है। ठंड और कोहरे में छोटे बच्चों को सुबह जल्दी उठाकर स्कूल भेजना कई परिवारों के लिए चिंता का विषय था। लंबे अवकाश के कारण बच्चे सुरक्षित माहौल में रह सकेंगे और उनकी सेहत का बेहतर ध्यान रखा जा सकेगा।
शारीरिक सुरक्षा के अलावा मानसिक रूप से भी बच्चे इस अवकाश का लाभ उठा सकते हैं। पढ़ाई के साथ-साथ वे अपनी दिनचर्या में आराम और स्वास्थ्य का संतुलन बनाए रख पाएंगे।
शिक्षकों के लिए लाभ
शिक्षकों के लिए यह अवकाश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लंबे समय से जारी ठंड के कारण पढ़ाई की गति प्रभावित हो रही थी। अवकाश के दौरान शिक्षक नए सत्र की योजना बना सकते हैं, पाठ्यक्रम की समीक्षा कर सकते हैं और आगामी शैक्षणिक गतिविधियों की तैयारी कर सकते हैं। इससे स्कूल खुलने के बाद पढ़ाई व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से शुरू की जा सकेगी।
स्कूल कब खुलेंगे
मकर संक्रांति के पर्व के बाद, 15 जनवरी 2026 से सभी परिषदीय विद्यालय अपने निर्धारित समय पर फिर से खुल जाएंगे। स्कूल खुलने के बाद नियमित कक्षाएं शुरू होंगी और छात्रों की पढ़ाई को फिर से गति मिलेगी।
शिक्षा विभाग का मानना है कि यह अवकाश न केवल छात्रों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को संतुलित बनाए रखने में भी सहायक होगा। यदि मौसम की स्थिति बिगड़ती है, तो जिला प्रशासन और विभाग अतिरिक्त निर्देश जारी कर सकते हैं।
मौसम और शीतकालीन अवकाश का महत्व
उत्तर प्रदेश में लगातार गिरते तापमान और घने कोहरे के कारण शीतकालीन अवकाश आवश्यक था। इस अवकाश का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और पढ़ाई की निरंतरता सुनिश्चित करना है। लंबे समय तक जारी ठंड और शीतलहर के बीच यह कदम छात्रों और अभिभावकों के लिए राहत और सुरक्षा का संदेश है।
UP School Winter Vacation के दौरान बच्चों को सुरक्षित माहौल में रहने का मौका मिलेगा और शिक्षक नए सत्र की तैयारियों में पूरी तरह जुट सकेंगे।